Wednesday, February 25, 2026

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज के मुखारविंद से गुरुओं की महिमा का अद्भुत वर्णन। श्री गुरु तेग बहादुर जी और हमारे गुरुओं की पावन शहादत ही है जिसके कारण आज हमारा धर्म और संस्कृति सुरक्षित है। आइए, इस ३५०वें शहीदी समागम के माध्यम से उन्हें नमन करें।


 

No comments:

Post a Comment

वृत्त क्रमांक   राज्यात २ लाख ५८ हजार २६१ प्राण्यांना रेबीज प्रतिबंधक लसीकरण २२ हजार ५५५ भटक्या कुत्र्यांवर नसबंदीची शस्त्रक्रिया नांदेड (जि...