सोमनाथ मात्र एक मंदिर नहीं बल्कि भारत की अटूट श्रद्धा और एकता का प्रतीक है। एक हजार वर्षों के विध्वंस ने भी इसकी महत्ता और इसके प्रति आस्था को कभी नहीं डिगने दिया। महादेव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से सोमनाथ प्रथम है, और भारतीयों की अटूट आस्था के एक हजार वर्षों की स्मृति और 1951 में हुई प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्षों के अवसर पर देश भर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है। जिसके तहत विभिन्न कार्यक्रम जैसे भजन संध्या, कलश यात्रा, ॐकार मंत्र का जाप आदि आयोजित किये जा रहे हैं। आप सभी इन कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और अपनी संस्कृति और परंपराओं पर गर्व करें।
Monday, May 11, 2026
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