पिछले एक हजार वर्षों में सोमनाथ मंदिर पर अनेक आक्रमण हुए और हर बार श्रद्धालुओं की अटूट आस्था, त्याग और बलिदान ने इसका पुनर्निर्माण किया। आज़ादी के बाद सोमनाथ मंदिर सरदार पटेल के प्रयासों से पुनर्स्थापित हुआ, जिसमें के.एम. मुंशी और जामसाहेब का अतुल्य योगदान रहा।
आज सोमनाथ भारत की संस्कृति और विरासत की प्रतीक बनकर उभरा है और भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति से विश्व को परिचित करा रहा है।
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